स्त्री

स्त्री जब प्रेम को एक कप कॉफ़ी कि तरह पी लेती है अपने आदर्श पुरुष के साथ बैठ कर  तो वो तुम्हारे साथ सोने से ज्यादा उसे अच्छा लगता है तुम्हारे साथ पुरी रात जागना, जाग कर तुम्हारे साथ किसी खुले काली चादर ओड़े आसमान के निचे तारें गिनना, तुम्हारे साथ बिताये एक-एक पल कों याद कर तुम्हारी बाहँ पकड़े तुम्हारे कंधे पर सर रख ख्वाबों को बुन्ना, डर से भरे ह्रदय को तुम्हारे सामने ताश के पत्तों कि तरह खोल देना, कई अनकही बातें तुम्हारे सामने पेश कर देना जिसकी क़ीमत स्त्रियों के लिए उनके आभूषणों से ज्यादा होतीं है। प्रेम में पड़ी स्त्री को अच्छा लगता है, तुम्हारा उनके आँखों में खुद कों खोजना।
प्रेम को शुद्ध बनाएं रखने में स्त्री का जो कर्तव्य होता है उसे बड़ी खूबसूरती से निभाती है जैसे एक शिशु पल रहा हो कोख में। प्रेम में उनका आकलन कोई नहीं कर सकता खुद  ईश्वर भी नहीं।
पुरुष अगर शरीर है तो उस पुरुष के अंदर बसी आत्मा स्त्री  और अगर आत्मा नहीं तो शरीर का कोई मोल नहीं
इसलिए स्त्रियों कों दुनियां कि सबसे ताकतवर लोगों में शुमार किया जाता रहा है और कभी, कभी सोचता हूं कि स्त्री कि भूमिका को लेकर तो वो छोटी, छोटी खुशियाँ उनके लिए कितनी मायने रखती है उनको प्यार से अगर छोटा सा उपहार भी देदो तो उसे संभाल कर रखी रहती है खैर यहाँ उन स्त्रियों कि बात बिल्कुल भी नहीं कर रहा जो सिर्फ दौलत या आपके स्टेटस से प्रेम करें यहाँ वो स्त्रियों कि बात हो रही जो वाकई आज अपने घर, परिवार कों साथ लेकर चलने वालों में से हो, जो जानती है एहसासों से भरी किताबों कों और उनकी कीमतों कों।
वाकई स्त्री पुरषों के जीवन में एक खुबसूरत तौफा है,
और हर एक स्त्री अपने आप में एक खूबसूरत स्त्री होतीं है।

#पीयूष...$

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